१-संभाला वक्त ने उनको समझा वक्त को जिसने ,
वर्ना वक्त क्या है ये वक्त का मारा बताता है
२- सोच लो आगे बदने से पहले लोग बदनाम कर देंगे तुमको,
पाँव फूलों मैं रखने से पहले तुमको कांटों पर चलाना पड़ेगा
३- जो तोकूं कांटे वोए वाकूं वो तू भाला
वो साला भी याद रखे पड़ा किसी से पाला
४- जिन्हें अपना कहने से डरते है हम
काम आ जाते है वे जिन्हें कम समझते है हम
५- साँसे रुक जायें पर जीवन नहीं रुकता
ये कह सकते हैं सयम बदल गया सुख का - दुःख का
६- उड़ना जब चाहा तो पंख ना मिले
पैर रखना जो चाहा तो जमीं ना मिली
जिन्दगी मैं भी जी लेता हंस कर पर
पर हँसाने वाले वो चेहरे न मिले
विष्णु खरे
6 hours ago

ahh..........
ReplyDeletethik hai