Aapki Vijay

Aapki vijay kisi ka hridaya jeetane main hai uska apmaan karne main nahin..................

Monday, July 13, 2009

मुक्तक रचनाएँ

१-संभाला वक्त ने उनको समझा वक्त को जिसने ,
वर्ना वक्त क्या है ये वक्त का मारा बताता है

२- सोच लो आगे बदने से पहले लोग बदनाम कर देंगे तुमको,
पाँव फूलों मैं रखने से पहले तुमको कांटों पर चलाना पड़ेगा

३- जो तोकूं कांटे वोए वाकूं वो तू भाला
वो साला भी याद रखे पड़ा किसी से पाला

४- जिन्हें अपना कहने से डरते है हम
काम आ जाते है वे जिन्हें कम समझते है हम

५- साँसे रुक जायें पर जीवन नहीं रुकता
ये कह सकते हैं सयम बदल गया सुख का - दुःख का

६- उड़ना जब चाहा तो पंख ना मिले
पैर रखना जो चाहा तो जमीं ना मिली
जिन्दगी मैं भी जी लेता हंस कर पर
पर हँसाने वाले वो चेहरे न मिले









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