श्रीमान जी
आप की सेवा में हाजिर हूँ
इस बार मैं इस तथ्य के सम्बन्ध मैं आप के साथ विचार कर रहा हूँ कि अब आम आदमी पर पैसा तो बड़ा है पर उसका सामाजिक स्तर और रुतबे में कमी आई है
पहले ki baboo ji wali chai ko mano is mahagayi ne nigal liya ho.
अब केवल अनाप सनाप पैसा रखने वाले लोग ही अपना रुतबा दिखा सकते हैं
विष्णु खरे
6 hours ago

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