Aapki Vijay

Aapki vijay kisi ka hridaya jeetane main hai uska apmaan karne main nahin..................

Friday, July 17, 2009

हिन्दी की नई ग़ज़ल लेखक - श्रधा जैन

मैंने श्रधा जी का ब्लॉग भीगी ग़ज़ल पढा तो मुझे बहुत हर्ष हुआ कि राष्ट्र के ऐसे उज्जवल दीप
जब तक अपना प्रकाश अवलोकित करते रहेंगे तब तक हिन्दी साहित्य नित नई आयाम रचेगा
आप भी उनके सुंदर कृतित्व को सराहिये।

http://bheegigazal.blogspot.com/2009/07/blog-post.html

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