Aapki Vijay

Aapki vijay kisi ka hridaya jeetane main hai uska apmaan karne main nahin..................

Monday, August 10, 2009

अपने - अपने सदा रहेंगे

अपने तो अपने होते है ........
ये पंक्तियाँ बिल्कुल सत्य हैं।
जीवन की इस अंधी दौड़ मैं आज का आदमी ये ही भूल गया है कि
दुनिया मैं वो अकेला भले ही पैदा हुआ था मगर उसका जीवन इस
संसार मैं जो उसके अपने है , उनकी ही देन है, तर्क करने वाले सदैव तर्क करते हैं कि जीवन और मृत्यु तो भगवन के हाथ मै है, परन्तु इस बात से इनकार नही

किया जा सकता है कि बिना परिवार और परिवारीजनों के जीवन कितना दुर्गम
और कभी - कभी कुत्सित या विनाशक भी हो जाता है।
इसके विपरीत सभी समाजशास्त्री और विद्वानों का मानना है किपरिवार रूपी संस्था मैं किसी भी मनुष्य का भविष्य सुरक्षित होता है। परिवार एक तरह से अपनों को बीमा की तरह सुरक्षा प्रदान करता जो दुखः - सुखः , अच्छे- बुरे, समय मैं एक सुरक्षा कवच प्रदान
करता है।





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